SHOHAR KA NASHA CHUDWANE KA WAZIFA DUA

SHOHAR KA NASHA CHUDWANE KA WAZIFA DUA

SHOHAR KA NASHA CHUDWANE KA WAZIFA DUA

Shohar Ka Nasha Chudwane ka Wazifa Dua,”If Shohar/Biwi is in awful organization or is included with another lady, at that point it will turn out to be inadequate. Insha Allah With this execution, they will go to the correct way and begin converging with you. It is an uncommon blessing to make love for somebody in his heart. Somebody here has a great deal of affection from me.

Toward the finish of the night, first make a wudu. Also, subsequent to making VuZu, in the wake of perusing the 3 Murtaba Durda-e-Taj Sharif, you should accuse the Mia or the spouse who will enhance them in Tasvur. They ought to be prepared to concur with this announcement and to get love and love between each other. . A solitary week’s execution will produce results from the Fazal-o-Karma of Allah Zone. They will come back to you by consummation all the haram things and begin converging with you. Indigestion will end. Shohar or Biwi, whatever happens.

Proceed with it as long as you need. The execution time is not there.

Anybody from Shohar or Begum can do likewise. On the off chance that the shohar isn’t right at that point make it lemon and if the Begum isn’t right at that point shave it

What is to do wazifa and how?

At the point when the season of rest comes during the evening, at that point before that precisely.

Make Wuzu.

Take a seat and take a gander at the perfect place and read Durood-e-Taj Sharif 3.

In the wake of perusing, take them (shohar or begum for whom the execution is done) and make them short of breath.

Despite all the unforgiving words, petition Allah Almighty for leaving every one of the causes and expediting them the way A-way and again to make love for each other. InshaAllah will be satisfied Amen

There is no time for this execution. You can do as long as you need.

Try not to do this amid periods/pregnancy/Ayyam.

In Hindi:-

अगर शोहर/बीवी बुरी सोहबत में है तो या किसी और औरत के साथ नाजायज़ ताल्लुक़ात है तो ये अमल मुफीद साबित होगा इंशा अल्लाह। इस अमल से वो रहे रास्त पर आजायेंगे और आपसे मुहब्बत करने लगेंगे। ये खास किसी के दिल में मुहब्बत पैदा करने का वज़ीफ़ा है। किसी से यहाँ मुराद शोहर या बीवी में से कोई भी से है।

रोज़ाना रात को सोते वक़्त सबसे पहले तो वुज़ू बना लीजिये. और फिर वुज़ू बना लेने के बाद 3 मर्तबा दुरूद-इ-ताज शरीफ पढ़ कर तसव्वुर में मिया या बीवी जो भी सुधारना हो उन पर फूँक मार दें इस नियत से के वो जल्द राज़ी हो जाये और आपस में प्यार मोहब्बत और इत्तफ़ाक़ पैदा हो जाये। अल्लाह ज़िले शानहु के फ़ज़ल-ओ-कर्मा से एक ही हफ्ते के अमल से हे असर नज़र आएगा। वो तमाम हराम चीज़ो को छोर कर आपके पास लौट आएंगे और आपसे मुहब्बत करने लगेंगे। नाराज़गी का खटीमा हो जायेगा. शोहर या बीवी जो भी हो दोनों में से।

जब तक चाहें इसे जारी रखें फ़ायदा ही होगा। इस अमल की मियाद नहीं है।

ख़वातीन तवज्जोह फरमाए: ख़वातीन ये अमल हैज़/माहवारी/अय्याम के दौरान क़तई नहीं करे।

शोहर या बेगम दोनों में से कोई भी ये अमल कर सक ता है। अगर शोहर ग़लत है तो बेगम कर लें और अगर बेगम ग़लत है तो शोहर कर ले।

करना क्या है और कैसे ?

रात को जब सोने का वक़्त आए तो ठीक उस से पहले।

वुज़ू बना लीजिए।

कही भी ठीक जगह देख कर बैठ जाये और दुरूद-ए-ताज शरीफ 3 मर्तबा पढ़िए।

पढ़ने के बाद उन का ( शोहर या बेगम जिस के लिए कर रहे है अमल ) तस-व्वुर करें और उन पर दम कर दीजिये।

दम करते वक़्त तमाम हराम हर कतों को छोड़ कर, उन्हें राह-ए-रास्त पर लाने की और फिर से आपस में मुहब्बत पैदा करने की अल्लाह ” आला से दुआ कीजिये। इन्शा अल्लाह पूरी होगी आमीन।

इस अमल की कोई मियाद नहीं है। आप जब तक चाहे कर सकते है।

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